barabari

 बराबरी

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 एक लड़की viral होने और fame पाने के लिए delhi metro मे ऐसे कपड़े पहनकर चली गई जो beach पर पहने जाते है,  वो viral हो गई,  उसको delhi metro viral girl के नाम से fame मिल गया। 

कुछ लोगो ने उसका साथ दिया और कुछ लोगो ने उसके खिलाफ बोला, सभी ने अपने अपने तर्क दिये, वो खुद famous हो गई लेकिन इन सब मे एक चीज़ की बड़ी बदनामी हुई वो चीज़ है feminism जैसा इतना अच्छा बदलाव

क्यो? 

क्योकि उस लड़की और उसको support करने वालों ने तर्क दिया कि उस लड़की के कपड़े नहीं तुम्हारी सोच छोटी है वो जो चाहे पहन सकती है और इन सब बातो को जोड़ दिया feminism से। 

 क्या लगता है आपको आज़ादी के नाम पर moral values के खिलाफ कुछ भी करना feminism है? 
या 
लड़को से बराबरी करने के चक्कर मे उनकी बुरी आदतों को भी task की तरह लेकर अपनाना feminism है ?

अगर ये feminism है तो वो लड़कियां जो अपने पैरो पर खड़े होने की कोशिश कर रही है,  मेहनत कर रही है उनका क्या ? 
क्या वो feminism का example नहीं है? 
क्या कुछ भी उल्टा सीधा करने की आज़ादी पाने के लिए feminism नाम का ये change लाया गया था क्या ? 


बराबरी



आपकों उल्टी सीधी हरकते करके इस आंदोलन को बर्बाद करना है?
 फिर उन लड़कियो का क्या जिनको अभी तक अपने अधिकार ही पूरी तरह से नहीं मिले है लड़को के बराबर पढ़ने का तो दूर उनके पास उनके बराबर खाना खाने तक का हक नहीं है, उनके लिए तो feminism एक उम्मीद जैसा है और कुछ लड़कियां इसको सिर्फ एक ढाल की तरह इस्तेमाल करती है । 

आप क्या सोचते है इस बारे मे ?

टिप्पणियाँ

  1. Kapde kyu banaye gye they, kya soch thi kapde banane ke peeche aur kyu kapade pehne jate hai....ye saari baatein ab sabhi ko thk se samjh leni chahiye, iske upar bohot jyada issues hone lage hai

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